- एक घंटे बाद सूचना देने पर छात्र व अध्यापक माने जाएंगे अनुपस्थित
उरई।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति
की एसएमएस द्वारा जानकारी दी जानी है। प्रायोगिक तौर पर इसकी शुरूआत
शनिवार से कर दी गई। जिले के नौ ब्लाकों से चयनित 18 व चार नगर क्षेत्रों
के आठ परिषदीय स्कूलों ने एसएमएस से छात्रों की उपस्थिति का विवरण एनआईसी
को भेजा।
गौरतलब है कि स्कूलों में
शिक्षकों की लेटलतीफी और छात्रों की उपस्थिति और उनकी संख्या का पूरा
आंकड़ा आनलाइन करने के लिए शासन द्वारा पिछले दिनों निर्देश जारी किए गए
थे। इसके तहत प्रायोगिक तौर पर हर ब्लाक से दो और नगरीय क्षेत्र से दो
परिषदीय स्कूलों का चयन किया गया। इन स्कूलों के शिक्षकों को छात्र
उपस्थिति की पूरी जानकारी एसएमएस से सीधे एनआईसी को भेजनी है जिस पर जिला
प्रशासन अपनी पूरी निगरानी रखेगा। यहां से यह विवरण राज्य के शिक्षा
निदेशालय के वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। इससे न केवल स्कूलों में
छात्रों की संख्या और उनकी उपस्थिति की जानकारी होती रहेगी बल्कि मिड डे
मील योजना के तहत उपस्थिति छात्रों की सही संख्या का भी अंदाजा लग सकेगा।
योजना
के तहत स्कूलों के प्रधानाचार्य अपने पंजीकृत मोबाइल से स्कूल खुलने के एक
घंटे के भीतर विद्यार्थियों की उपस्थिति की पूरी रिपोर्ट एनआईसी केे
पोर्टल पर भेजेंगे। यहां से यह शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दी
जाएगी। इस दौरान एक घंटे के बाद और दो घंटे के पहले जिन विद्यालयों की
उपस्थिति एनआईसी को प्राप्त होगी उन्हें डिफाल्टर सूची में डाला जाएगा।
इसके बाद अक्तूबर माह से दिसंबर माह तक इन डिफाल्टर स्कूलों केे
प्रधानाध्यापकों को चेतावनी दी जाएगी।
यदि
इसके बावजूद भी यदि ये स्कूल नहीं मानते तो जनवरी माह से प्रत्येक डिफाल्टर
दिवस में प्रधानाध्यापक के वेतन से 100 रुपये व अन्य सभी शिक्षकों के वेतन
से 50 रुपये की कटौती की जाएगी।
- कराएंगे भौतिक सत्यापन
खंड
शिक्षाधिकारी को प्रत्येक शैक्षिक दिवस में कम से कम दो स्कूलों का
आकस्मिक निरीक्षण करना होगा। उसकी रिपोर्ट उपस्थित माडयूल में उसी दिन
अपलोड कराना होगा। यदि आकस्मिक निरीक्षण में छात्रों की संख्या व वेबसाइट
पर उपलब्ध उपस्थित पंजिका में अंतर पाया जाता है तो प्रधानाध्यापक व
शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
खबर साभार : अमर उजाला
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