स्थान -प्राथमिक विद्यालय कुसमौल दिन -मंगलवार, दोपहर का वक्त एसडीएम बासगांवइस प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचते हैं। प्रधानाध्यापक हरिगोविंद शुक्ला अनुपस्थित हैं। विद्यालय के अधिकतर बच्चे गणवेश में नहीं हैं। कक्षा 2 में पंजीकृत कुल 38 बच्चों में से सिर्फ 16 ही मौजूद हैं। कक्षा 3 में 26 के सापेक्ष 17, कक्षा 4 में 17 के सापेक्ष 6 एवं कक्षा 5 में 16 छात्रोंेके सापेक्ष 3 छात्र ही उपस्थित हैं। 1यह तस्वीर देख हैरत में पड़े एसडीएम ने वहां का शैक्षिक स्तर परखने की शुरुआत की। कक्षा 5 के एक छात्र से अंग्रेजी में पिता का नाम लिखने को कहा, लेकिन वह नहीं लिख सका। दूसरी छात्र को ‘अनिश्चितकालीन’ व ‘समाधान’ शब्द लिखने को कहा लेकिन वह भी नाकाम रही। मिड डे मील बना नहीं था तो पूछा वहां मौजूद शिक्षक से सवाल पूछा। जवाब मिला कि ग्राम प्रधान ने राशन नहीं उपलब्ध कराया है।
यह तो एक बानगी भर है, लेकिन लगभग ऐसी ही तस्वीर अधिकतर प्राथमिक विद्यालयों की है। यह स्थिति उन विद्यालयों की है, जहां के बच्चों को तमाम सुविधाएं मुहैया कराने का दम सरकारें भर रही हैं। दावा किया जा रहा है कि यहां के बच्चों को भी गुणवत्तापरक शिक्षा मिल रही है, लेकिन हकीकत इस दावे से कोसों दूर है।
जिलाधिकारी राजीव रौतेला के निर्देश पर मंगलवार को प्राथमिक स्कूलों की हकीकत जानने के लिए सात अधिकारियों की टीम अलग अलग विद्यालयों में पहुंची। उन्हें कमोबेश हर जगह एक ही तरह का नजारा देखने को मिला। परिसर में अव्यवस्था शैक्षिक माहौल की कहानी बयां कर रही थी। कहीं बच्चों के लिए मिड डे मील नहीं बना था तो कहीं एक ही बच्चा मौजूद था। कहीं दो शिक्षक एक ही कमरे में सारे बच्चों को पढ़ा रहे थे तो शिक्षक-प्रधानाध्यापक बगैर सूचना गैरहाजिर थे। खामियों के मद्देनजर अब संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यो से स्पष्टीकरण मांगा गया है।पिपराइच ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय माड़ापार में जांच करते एसडीएम डीएस पाठक’ प्राथमिक विद्यालय जंगल सिकरी में एसडीएम सदर के निरीक्षण में कुल नामांकित 183 छात्रों के सापेक्ष मात्र 81 ही उपस्थित थे। गिरधरगंज, नगर क्षेत्र में 210 के सापेक्ष मात्र 121 बच्चे उपस्थित थे। पूर्व मावि गिरधरगंज नगर क्षेत्र में 80 में से 46 बच्चे उपस्थित थे।
’एसडीएम खजनी के निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय विनयका में प्रधानाध्यापक हरिकेश मिश्र अनुपस्थित मिले तो सहायक अध्यापक संतोष शुक्ला व अर्चना गुप्ता सभी बच्चों को एक ही कक्ष में बैठाकर पढ़ा रहे थे। एसडीएम ने इसे आपत्तिजनक माना क्योंकि विद्यालय में और कक्ष उपलब्ध हैं। यहां कुल 48 पंजीकृत छात्रों में से मात्र 9 ही उपस्थित थे। यही नहीं मीनू के अनुसार भोजन नहीं बना है। पूछताछ में सहायक अध्यापिका ने बताया कि प्रधान द्वारा सब्जी न देने के कारण चावल-दाल ही बन रहा है।
’एसडीएम सहजनवां के निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय नेवास में मात्र 12 बच्चे उपस्थित मिले। यहां खाद्यान्न उपलब्ध न होने के कारण मध्यान्ह भोजन नहीं बन रहा है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय नेवास में कक्षा 8 में 5, कक्षा 7 में 5 व कक्षा 6 में 3 छात्र उपस्थित पाए गए। शिक्षा का स्तर अच्छा नहीं पाया गया। राउतपार सरैया में केवल एक छात्र उपस्थित मिला तो प्राथमिक विद्यालय झुंगिया में 67 में से केवल 18 छात्र उपस्थित मिले। ’ एसडीएम चौरीचौरा के निरीक्षण में प्राथमिक विद्यालय कुसुम्ही बाजार नं.-1 में 146 छात्रों में से 60 छात्र मौजूद थे। मेन्यू के अनुसार मध्यान्ह भोजन नहीं बना था, सफाई व्यवस्था ठीक नही पायी गयी।’
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