शिक्षकों की पुरानी पेंशन की मांग पर वित्त मंत्री से मिले शिक्षक विधायक, विशिष्ट बीटीसी 2004 शिक्षकों को पुरानी पेंशन दिलाने की मांग
शिक्षक विधायकों ने लखनऊ में वित्तमंत्री सुरेश खन्ना हो ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने पुरानी पेंशन समेत कई मांगों को पूरा कराने की मांग की है। एमएलसी अरुण पाठक व डॉ. हरि सिंह ढिल्लो समेत कई शिक्षक विधायक ने सोमवार को वित्तमंत्री सुरेश खन्ना से मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि 2004 में यूपी सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों में 46189 सहायक अध्यापकों के पदों को भरने के लिए शासनादेश जारी किया था, जिसमें 22 जनवरी 2004 का संशोधित विज्ञापन 22 फरवरी 2004 को प्रकाशित हुआ था। शासनादेश के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों का निर्धारित छह माह का प्रशिक्षण भी अगस्त 2004 में शुरू हो गया था। विभागीय देरी के कारण सहायक अध्यापकों की तैनाती दिसंबर 2005 व जनवरी 2006 में मिली। 2004 के बाद नियुक्ति का कोई विज्ञापन प्रकाशित नहीं किया गया।
2004 में जारी विज्ञापन के आधार पर ही लगभग 40 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती हुई थी, प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों की तैनाती 2004 में जारी मेरिट सूची के आधार पर की गई थी। इस नियुक्ति के लिए शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा विभाग स्पष्ट किया है कि विज्ञापन प्रक्रिया एससीईआरटी द्वारा 2004 में हो चुकी है।
ऐसी स्थिति में आवेदन पत्र मांगने के लिए नया विज्ञापन जारी करने की आवश्यकता नहीं है। 14 जनवरी 2004 एवं 22 जनवरी 2004 के सूचना में भी स्पष्ट किया गया है कि प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद जब तक सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति नहीं दी जाएगी। तब तक 2500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड/मानदेय रहेगा।
इन सभी तथ्यों से स्पष्ट है कि जारी विज्ञापन संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा था। जो नई पेंशन योजना/राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली लागू किए जाने संबंधी अधिसूचना से पहले जारी हुआ था। इसलिए पुरानी पेंशन का लाभ दिलाया जाए।
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