केंद्र व्यवस्थापकों को पता नहीं कैसे खोलें स्ट्रांग रूम, अपर मुख्य सचिव के निरीक्षण में मिली कमी, सभी डीआईओएस को दिए निर्देश
प्रयागराज। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले दिन 24 फरवरी को माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने लखनऊ के परीक्षा केंद्रों पर पहली पाली में आयोजित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा का निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र व्यवस्थापक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट प्रश्नपत्रों के सुरक्षित रख-रखाव के लिए बनाए गए स्ट्रांग रूम को खोलने की नवीन व्यवस्था से अनजान मिले। इसे गंभीरता से लेते हुए यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं।
सचिव ने लिखा है कि 30 जनवरी को भेजे गए दिशा-निर्देश के बिन्दु संख्या नौ में स्पष्ट लिखा है कि स्ट्रांग रूम के दरवाजे की एक चाबी परीक्षा केंद्र पर तैनात स्टैटिक मजिस्ट्रेट की अभिरक्षा में सुरक्षित रखी जाएगी। स्टैटिक मजिस्ट्रेट की अनुपस्थिति विषयक आकस्मिकता/आपात स्थिति में ससमय परीक्षा प्रारम्भ कराने के लिए स्ट्रांग रूम के ताले की द्वितीय चाबी बाह्य केंद्र व्यवस्थापक के पास सुरक्षित रखी जाए, जिसका प्रयोग जिला विद्यालय निरीक्षक की अनुमति के बिना किसी सूरत में न किया जाए। ऐसी स्थिति में जिला विद्यालय निरीक्षक संबंधित स्टैटिक मजिस्ट्रेट का स्पष्टीकरण प्राप्त करने एवं सुसंगत कार्यवाही के लिए जिलाधिकारी के समक्ष पत्रावली प्रस्तुत करेंगे।
डीआईओएस यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रश्नपत्रों को रखने के लिए बनाए गए स्ट्रांग रूम के ताले की दूसरी चाबी एक मजबूत क्लाथ लाइन लिफाफे में रखकर केंद्र व्यवस्थापक, बाह्य केंद्र व्यवस्थापक तथा स्टैटिक मजिस्ट्रेट के समक्ष सील बन्द कर बाह्य केंद्र व्यवस्थापक को दी जाए। यदि किसी आकस्मिक स्थितिवश स्टैटिक मजिस्ट्रेट अनुपस्थित होता है तब आवश्यकतानुसार डीआईओएस की अनुमति पर सीसीटीवी कैमरे के समक्ष सील बन्द लिफाफे से केंद्र व्यवस्थापक एवं बाह्य केंद्र व्यवस्थापक की उपस्थिति में चाबी निकलवाकर स्ट्रांग रूम को खुलवाएंगे। स्ट्रांग रूम को बन्द करने के बाद पुनः चाभी को लिफाफे में सील बन्द कराया जाए। स्पष्टता के लिए चित्रात्मक जानकारी भी भेजी गई है।
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