अब एक ही नाम और संबद्धता से विद्यालय खोलने की अनुमति मिली, CBSE ने स्कूलों के संबद्धता मानदंडों में ढील दी
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपने स्कूलों के संबद्धता मानदंडों में ढील दी है। इसके तहत अब स्कूलों को समान नाम और संबद्धता संख्या के तहत नई शाखा खोलने की अनुमति मिल गई है। अधिकारियों ने बताया कि दोनों विद्यालयों को शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के संदर्भ में अलग-अलग संसाधनों की व्यवस्था करनी होगी। अगर कोई छात्र शाखा स्कूल से मुख्य विद्यालय में दाखिला लेना चाहे तो यह प्रकिया निर्बाध होगी। नियमों के अनुसार इसे नया प्रवेश नहीं माना जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्य स्कूल में छठी कक्षा से 12वीं तक की कक्षाओं के संचालन की अनुमति दी गई है, जबकि शाखा स्कूल में प्री-प्राइमरी से पांचवी तक की कक्षाएं होंगी। सीबीएसई के सचिव हिमांशु गुप्ता ने बताया, दोनों विद्यालयों का प्रबंधन और स्वामित्व एक ही होगा और प्रशासनिक व शैक्षणिक प्रक्रिया भी एक ही होंगी। दोनों शाखाओं के लिए एक सामान्य वेबसाइट होगी और इस वेबसाइट में शाखा स्कूल के लिए एक अलग से एक भाग होगा। उन्होंने बताया, मुख्य विद्यालय दोनों शाखाओं के लिए प्रवेश का प्रबंधन करेगा और इसके खातों का भी रखरखाव करेगा।
गुप्ता ने बताया कि दोनों विद्यालयों को अलग-अलग शिक्षण और गैर-शिक्षण से संबंधित कर्मचारियों की नियुक्तियां करनी होंगी तथा कर्मचारियों के वेतन भुगतान की जिम्मेदारी भी मुख्य स्कूल पर होगी। वर्तमान में सीबीएसई, शाखा स्कूल स्थापित करने की अनुमति नहीं देता है और एक ही समूह के प्रत्येक विद्यालय को अलग-अलग संबद्धता संख्या की जरूरत होती है। अब नए नियम आने से इन मानदंडों में बदलाव हो गया है।
सीबीएसई : एक ही मान्यता पर खुल सकेंगे दो स्कूल
कानपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए एक ही मान्यता पर दो स्कूल चलाने की अनुमति दे दी है। बशर्ते स्कूल का नाम और प्रबंधन एक ही हो। दूसरा स्कूल बाल वाटिका से कक्षा 05 तक ब्रांच स्कूल के नाम से संचालित किया जा सकेगा। मेन स्कूल का संचालन कक्षा 06 से 12 तक किया जा सकता है। बोर्ड सचिव हिमांशु गुप्ता ने आदेश जारी कर दिए हैं।
■ मुख्य स्कूल के नाम व प्रबंधन पर खोल सकेंगे ब्रांच
■ बाल वाटिका से कक्षा 05 तक चल सकेंगे यह ब्रांच स्कूल
संबद्ध स्कूलों के लिए जारी नोटिफिकेशन में स्पष्ट कर दिया गया है कि ब्रांच स्कूल के लिए आवेदन सारस पोर्टल के माध्यम से सत्र 2025-26 के लिए किया जा सकता है। ब्रांच स्कूल की शर्तें तय कर दी गई हैं। नए स्कूल के भौतिक व शैक्षिक मानक भी तय कर दिए गए हैं।
एक ही मान्यता पर उसी नाम से स्कूल का संचालन अन्य स्थान पर किए जाने का फैसला एफलिएशन कमेटी की ने यह बड़ा निर्णय बोर्ड ने लिया है। नोटिफिकेशन भी जारी हो गया है। इसका अध्ययन किया जा रहा है। स्कूलों के लिए यह महत्वपूर्ण फैसला है। अन्य शर्तों का अध्ययन किया जा रहा है।
- सरदार बलविंदर सिंह, स्थानीय कोआर्डिनेटर, सीबीएसई
बैठक में लिया गया था। इसके आधार पर मंगलवार को बोर्ड सचिव ने आदेश जारी कर दिया। संबद्धता के नए नियमों के तहत मुख्य स्कूल या मेन स्कूल उसे कहेंगे जिसकी मान्यता पहले से है।
CBSE ने एक ही नाम व संबद्धता संख्या से विद्यालयों को दी शाखा खोलने की अनुमति, मुख्य विद्यालय में छठी से बारहवीं तक की कक्षाएं चलेंगी और शाखा विद्यालय में प्री प्राइमरी से 5वीं तक की कक्षाएं होंगी
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपने स्कूलों के संबद्धता मानदंडों में ढील दी है। इसके तहत अब स्कूलों को समान नाम और संबद्धता संख्या के तहत नई शाखा खोलने की अनुमति मिल गई है।
अधिकारियों ने बताया कि दोनों विद्यालयों को शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के संदर्भ में अलग-अलग संसाधनों की व्यवस्था करनी होगी। अगर कोई छात्र शाखा स्कूल से मुख्य विद्यालय में दाखिला लेना चाहे तो यह प्रकिया निर्बाध होगी। नियमों के अनुसार इसे नया प्रवेश नहीं माना जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्य स्कूल में छठी कक्षा से 12वीं तक की कक्षाओं के संचालन की अनुमति दी गई है, जबकि शाखा स्कूल में प्री-प्राइमरी से पांचवी तक की कक्षाएं होंगी। सीबीएसई के सचिव हिमांशु गुप्ता ने बताया, दोनों विद्यालयों का प्रबंधन और स्वामित्व एक ही होगा और प्रशासनिक व शैक्षणिक प्रक्रिया भी एक ही होंगी। दोनों शाखाओं के लिए एक सामान्य वेबसाइट होगी और इस वेबसाइट में शाखा स्कूल के लिए एक अलग से एक भाग होगा।
उन्होंने बताया, मुख्य विद्यालय दोनों शाखाओं के लिए प्रवेश का प्रबंधन करेगा और इसके खातों का भी रखरखाव करेगा। गुप्ता ने बताया कि दोनों विद्यालयों को अलग-अलग शिक्षण और गैर-शिक्षण से संबंधित कर्मचारियों की नियुक्तियां करनी होंगी तथा कर्मचारियों के वेतन भुगतान की जिम्मेदारी भी मुख्य स्कूल पर होगी।
वर्तमान में सीबीएसई, शाखा स्कूल स्थापित करने की अनुमति नहीं देता है और एक ही समूह के प्रत्येक विद्यालय को अलग-अलग संबद्धता संख्या की जरूरत होती है। अब नए नियम आने से इन मानदंडों में बदलाव हो गया है।
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